


मेनियर रोग एक दीर्घकालिक वेस्टिबुलर विकार है जो आंतरिक कान के तरल पदार्थ के दबाव में उतार-चढ़ाव के कारण होता है। इसमें बार-बार चक्कर आने और एक कान में सुनने की क्षमता में उतार-चढ़ाव के साथ कमी आने के दौरे पड़ते हैं। यह एक धीमी गति से बढ़ने वाली बीमारी है जिसका दीर्घकालिक जटिलताओं से बचने के लिए जल्द से जल्द इलाज किया जाना चाहिए। तरल पदार्थ का दबाव बढ़ने से आंतरिक कान गुब्बारे की तरह फूल जाता है, जिससे बार-बार चक्कर आना, सुनने की क्षमता में कमी और कान में बजने जैसी आवाज़ (टिनिटस) के दौरे पड़ते हैं। मेनियर रोग किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन यह 30-60 वर्ष की आयु के लोगों में होने की अधिक संभावना होती है।




विस्तृत रोगी इतिहास, संपूर्ण वेस्टिबुलर मूल्यांकन और ऑडियोमेट्री से डॉक्टर को रोग का निदान और चरण निर्धारित करने में मदद मिलेगी। परीक्षण परिणामों के आधार पर उपचार की योजना बनाई जाती है।

मेनियर रोग के उपचार का मुख्य उद्देश्य रोग के लक्षणों को कम करना, आंतरिक कान के दबाव को घटाना और रोग की प्रगति को रोकना है।
यह विभिन्न उपायों के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा –

